देशभर में ऐसे 5 चमत्कारी शनिदेव मंदिर – जहां दर्शन मात्र से शनिदोष से मुक्ति मिलती है

शनिदेव (shanidev) को न्याय और कर्म का देवता माना जाता है. शनिवार (shaniwar), शनि प्रदोष व्रत (shani pradosh vrat) और शनि अमावस्या (shani amavasya) के दिन शनिदेव को प्रसन्न किया जा सकता है. कहते हैं अगर शनिदेव किसी पर महरबान होते हैं तो उसे रंक से राजा बना देते हैं. वहीं, अगर किसी की कुंडली में शनि दोष (shani dosh) होता है, तो उसे राजा से रंक बनने में भी समय नहीं लगता. इसलिए शनि की दशा सही बनाए रखने के लिए जरूरी है उनका नियमित रूप से पूजा पाठ और उपाय किए जाते रहें. शनि की व्रक दृष्टि से सभी को बचके रहना चाहिए. इसके लोग शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कोई न कोई उपाय करते रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं देशभर में ऐसे 5 मंदिर हैं, जहां शनिदेव के दर्शन कर लेने मात्र से ही शनि दोष से छुटकारा मिल जाता है. और सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है.

आइए ऐसे कुछ प्राचीन शनि देव के मंदिरों पर नजर डालते हैं, जहां कभी न कभी एक बार जरूर जाना चाहिए.

1. कोकीलावन धाम

यूपी के मथुरा में स्थित कोसीकला में कोकीलावन नामक ये शनिदेव का मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है. इसे बहुत ही चमत्कारिक माना गया है. बता दें कि शनिदेव का ये मंदिर नंदगांव, बरसाना और श्री बांकेबिहारी मंदिर के पास ही स्थित है. मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति पर शनि की व्रकी दृष्टि है, तो उसे यहां शनिदेव के दर्शन के लिए एक बार जरूर जाना चाहिए. इतना ही नहीं, यह भी कहा जाता है कि दर्शन के बाद परिक्रमा करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. पौराणिक कता के अनुसार श्री कृष्ण ने खुद यहां शनिदेव को दर्शन दिए थे. और उन्हें ये वरदान दिया था कि जो भी यहां आकर पूजा और परिक्रमा करेगा उसके सभी शनिदोष दूर हो जाएंगे

2. उज्जैन शनि मंदिर

मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थिन शनिदेव का प्राचीन मंदिर अपने चमत्कारों के कारण खूब फेमस है. कहते हैं यहां शनिदेव के दर्शन मात्र से लोगों के सभी दोष दूर हो जाते हैं. इस मंदिर में शनिदेव की मूर्ति को खुले आसमान के नीचे लगाया गया है. इतना ही नहीं, यहां गांव में कोई अपने घरों में ताले नहीं लगाता. मान्यता है कि इस गांव की रक्षा स्वंय शनिदेव ही करते हैं. मान्यता है कि यहां शनिदेव की शक्ति बहुत ज्यादा है, जो भी इस मंदिर में शनिदेव के दर्शन को जाता है उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं.

3. शनि मंदिर, इंदौर

मध्यप्रदेश के इंदौर में मौजदू शनिदेव का ये मंदिर कई मायनों में महच्वपूर्ण है. इंदौर के जूनी इलाके में बने इस मंदिर में भगवान शनि का 16 ऋंगार किया जाता है. यह मंदिर काले पत्थरों से बना है. यहां भगवान को शाही वस्त्र पहनाए जाते हैं और बहुत ही अलग अंदाज में उनका ऋंगार किया जाता है. इस मंदिर में शनिदेव के दर्शन के बाद उनसे शनि कष्ट से मुक्ति के लिए प्रार्थना करना जरूरी होता है.

4. शनिश्चरा मंदिर

ग्वालियर में स्थित ये मंदिर बहुत ही प्राचीन है. मान्यता है कि यहां शनिदेव के पिंड को हनुमान ने लंका से फेंका था और ये पिंड यहां आकर गिरा. जिसके बाद यहीं शनिदेव की स्थापना कर दी गई. यहां शनिदेव की पूजा के बाद उन्हें सरसों का तेल या तिल का तेल चढ़ाया जाता है. इसके बाद शनिदेव से गले लगकर अपने कष्टों के बारे में उन्हें बताया जाता है. ऐसा करने से शनिदेव उस व्यक्ति की सारी तकलीफें दूर कर देते हैं.

5. सारंगपुर कष्टभंजन हनुमान मंदिर

गुजरात के भावनगर में स्थित सारंगपुर में भगवान हनुमान का एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है, जिसे कष्टभंजन के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर में हनुमान के साथ शनिदेव की मूर्ति भी विराजित है. इस मंदिर में शनिदेव ने स्त्री का रुप ले रखा है और हनुमान जी के चरणों में बैठे हैं. इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष है तो हनुमान जी के दर्शन करने और पूजा अर्चना करने से सभी दोष खत्म हो जाते हैं. कहते हैं अपने जीवनकाल में शनिदेव के इन मंदिरों के दर्शन जरूर करने चाहिए. शनिदेव की ओर से मिलने वाले कष्टों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है.

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