पितृपक्ष मे कौन कर सकता है श्राद्ध ध्यान रखें ये बातें

5 दिनों में पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है. इन दिनों में लोग अपने पूर्वजों के लिए शांति की कामना करते हैं. शास्त्रों में भी श्राद्ध का उल्लेख कई जगह पर मिलता है. साथ ही यहां श्राद्ध के कुछ नियम भी कहे गए हैं.

इन नियमों को जानना बेहद जरूरी है जिससे श्राद्ध का उद्देश्य पूरा हो सके-

1.श्राद्ध का पहला अधिकार बड़े पुत्र का है. बड़ा बेटा जीवित न हो तो उससे छोटा पुत्र श्राद्ध करता है.

2. बड़ा बेटा शादी के बाद पत्नी संग मिलकर श्राद्ध तर्पण करता है.

3. जिसका पुत्र न हो तो उसके भाई-भतीजे श्राद्ध कर्म कर सकते हैं.

4. अगर केवल पुत्री है तो उसका पुत्र श्राद्ध करता है.

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